Monday, 27 March 2017

आज 27 मार्च2017 को सोमवती अमावस्या

"दिव्यांश ज्योतिष्  केंद्र"
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आज 27 मार्च-2017 को सोमवती अमावस्या का अति विशेष महत्व:-
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पंचाग के अनुसार हिंदू नववर्ष अर्थात संवत् 2074 की शुरुआत हो गई है। जिसमें पहली अमावस्या पड़ रही है। इस बार अमावस्या सोमवार, 27 मार्च 2017 को पड़ रही है। जिसके कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा गया है ।
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सोमवती अमावस्या को इस श्राद्ध पक्ष में दिवंगत पितरों को खुश रखने के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराने के साथ-साथ दान के महत्व को विशेष माना गया है। इसी साथ श्राद्ध पक्ष में ही सोमवती अमावस्या पड़ रही है जिसमें दान देने का एक अलग ही महत्व है। जानिए इसका महत्व।
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सोमवती अमवस्या का महत्व
वैसे तो सोमवती अमावस्या तीन साल में एक बार आती है, लेकिन इस बार सोमवती अमावस्या का विशेष पुण्य का महत्व है। इस अमावस्या में पितरों को विशेष रूप से तृप्त करने और उन्हें प्रसन्न करनें का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय माना जाता है। इस दिन आप मौन रहकर स्नान-ध्यान करने से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। हिन्दु धर्म शास्त्रों में इसे अश्वत्थ प्रदक्षिणा व्रत की भी संज्ञा दी गई है। अश्वत्थ यानि पीपल वृक्ष। इस दिन पीपल की सेवा, पूजा, परिक्रमा का अति विशेष महत्व है। श्राद्ध पक्ष में पितरों की पूजा करने के साथ-साथ ब्राह्मणों को पितरों के निमित भोजन करवाया जाता है। जिससे कि हमारें पितर खुश रहें और हमें आशीर्वाद दे।

टीम दिव्यांश ज्योतिष्
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Sunday, 26 March 2017

Chaitra navratri ka din

"दिव्यांश ज्योतिष् केंद्र"
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चैत्र नवरात्रि का आरंभ 28 या 29 मार्च:-
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मंगलवार दिनांक 28.03.17 को प्रातः 08 घंटे 26 मि॰ पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के प्रारम्भ के साथ ही विक्रम संवत 2074 अर्थात भारतीय नववर्ष (युगाब्द 5119) का प्रारंभ हो रहा है परंतु साल 2017 में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को लेकर पंचांगों में मतभेद हैं।
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शुद्ध ज्योतिष गणित के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि मंगलवार 28.03.17 को प्रातः 08 घंटे 26 मि॰ को प्रारंभ है परंतु सूर्योदय तिथि के अनुसार कई विद्वान इसे बुधवार दिनांक 29.03.17 प्रातः 06 घंटे 18 मि॰ से आरंभ बता रहे हैं।
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इस लेख में हम दोनों पहलुओं से आपको बता रहे हैं कि मंगलवार दिनांक 28.03.17 और बुधवार दिनांक 29.03.17 के अनुसार आने वाला विक्रम संवत 2074  कैसा रहेगा ,आईए जानते हैं।
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ज्योतिषशास्त्र के पंचांग के अनुसार वर्ष के आरंभ दिन को ज्योतिष में राजा माना जाता है। पूरे देश में पूर्व से पश्चिम तक सूर्योदय में लगभग 70 मिनट से अधिक का अंतर होता है। इसी कारण पूरे देश में सूर्योदय में मतभेद होते है। अतः तिथि भेद के अनुसार देश में कहीं मंगलवार 28.03.17 को तो कहीं बुधवार 29.03.17 को प्रतिपदा मनाई जाएगी। मंगलवार 28.03.17 के अनुसार इस संवत्सर का नाम साधारण होगा व इसके राजा मंगल व मंत्री गुरु हैं। बुधवार दिनांक 29.03.17 के अनुसार संवत्सर का नाम शुभ होगा इसके राजा बुध व मंत्री गुरु होने से यह मंगलकारी रहेगा। बुधवार दिनांक 29.03.17 के अनुसार नवरात्र 29 मार्च से 5 अप्रैल -2017 तक चलेगी अर्थात दूसरे मत के अनुसार नवरात्र 8 दिन की होगी।
             टीम दिव्यांश ज्योतिष्
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Tuesday, 21 March 2017

Manushy ki kimat

एक आदमी ने भगवान बुद्ध  से पुछा : जीवन का मूल्य क्या है?

बुद्ध  ने उसे एक Stone दिया और कहा : जा और इस stone का
मूल्य पता करके आ , लेकिन ध्यान रखना stone को बेचना नही है I

वह आदमी stone को बाजार मे एक संतरे वाले के पास लेकर गया और बोला : इसकी कीमत क्या है?

संतरे वाला चमकीले stone को देखकर बोला, "12 संतरे लेजा और इसे मुझे दे जा"

आगे एक सब्जी वाले ने उस चमकीले stone को देखा और कहा
"एक बोरी आलू ले जा और इस stone को मेरे पास छोड़ जा"

आगे एक सोना बेचने वाले के
पास गया उसे stone दिखाया सुनार उस चमकीले stone को देखकर बोला,  "50 लाख मे बेच दे" l

उसने मना कर दिया तो सुनार बोला "2 करोड़ मे दे दे या बता इसकी कीमत जो माँगेगा वह दूँगा तुझे..

उस आदमी ने सुनार से कहा मेरे गुरू ने इसे बेचने से मना किया है l

आगे हीरे बेचने वाले एक जौहरी के पास गया उसे stone दिखाया l

जौहरी ने जब उस बेसकीमती रुबी को देखा , तो पहले उसने रुबी के पास एक लाल कपडा बिछाया फिर उस बेसकीमती रुबी की परिक्रमा लगाई माथा टेका l

फिर जौहरी बोला , "कहा से लाया है ये बेसकीमती रुबी? सारी कायनात , सारी दुनिया को बेचकर भी इसकी कीमत नही लगाई जा सकती ये तो बेसकीमती है l"

वह आदमी हैरान परेशान होकर सीधे बुद्ध  के पास आया l

अपनी आप बिती बताई और बोला "अब बताओ भगवान , मानवीय जीवन का मूल्य क्या है?

 बुद्ध  बोले :

संतरे वाले को दिखाया उसने इसकी कीमत "12 संतरे" की बताई l

सब्जी वाले के पास गया उसने इसकी कीमत "1 बोरी आलू" बताई l

आगे सुनार ने "2 करोड़" बताई lऔर जौहरी ने इसे "बेसकीमती" बताया l

अब ऐसा ही मानवीय मूल्य का भी है l

तू बेशक हीरा है..!!लेकिन, सामने वाला तेरी कीमत,
अपनी औकात - अपनी जानकारी -  अपनी हैसियत से लगाएगा।

Respect Yourself,
You are very Unique..👌👌👌👌👌





Friday, 10 March 2017

Intrested knowledge About jupitar

" दिव्यांश ज्योतिष् केंद्र"

बृहस्पति ग्रह की  अत्यन्त रोचक जानकारी
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प्रिय मित्रो,
               आज मैं आपको हर इंसान के जीवन में अहम रोल निभाने वाले बृहस्पति ग्रह की कुछ रोचक जानकारी दे रहा हूँ ।शायद आपको यह नहीं मालूम होगा की जीवन के बहुत सी नेगेटिव परिस्थिति को बृहस्पति पोसिटिव बना देता है।
               उदाहरण -यदि आपकी शादी नहीं हो रही हो , नौकरी व्यवसाय में सफलता नही मिल रही हो, मुकदमें में विजय नहीं मिल रही हो।
               कोई बीमारी ठीक नही हो रही हो,घर ,प्रॉपर्टी ,गाड़ी  इत्यादि-इत्यादि काम में सफलता नहीं मिल रही हो ,तलाक की स्थिति बं रही हो। यदि इन पर बृहस्पति देव की दृष्ट पद जाय तो आपका काम तुरंत होगा। इसलिए इनके बारे में जानना अति आवश्यक है।
             
               आज मैं इन्हीं बृहस्पति देव की भौगोलिक स्थिति के बारे में बात रहा हूँ जो निम्नवत है।
             
बृहस्पति ग्रह सूर्य से 5वाँ और हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह हैं. इसे गैस का दानव भी कहते हैं. पीले रंग के इस ग्रह को अंग्रेजी में Jupiter कहते हैं.

1. बृहस्पति ग्रह 90% hydrogen, 10% helium और कुछ मात्रा में methane, water, amonia और चट्टानी कणों से मिलकर बना हुआ हैं.

2. बृहस्पति ग्रह को सौरमंडल का ‘वैक्युम क्लीनर’ भी कहा जाता हैं यह पृथ्वी को विनाशकारी हमलों से बचाता हैं.

3. बृहस्पति बहुत ही ठंडा ग्रह हैं. इसका Average Temp. हैं -145°C.

4. ब्रहस्पति ग्रह की कोई जमीन नहीं हैं यह पूरी तरह गैस के बादलों से बना हुआ ग्रह हैं.

5. बृहस्पति ग्रह पर आज तक 7 यान भेजा जा चुके हैं.

6. जुपिटर ग्रह सबसे पुराने ग्रहों में से एक है जुपिटर के जरिये पृथ्वी की उत्पति के बारे में पता लगाया जा सकता हैं.

7. जूपिटर का मैग्नेटिक फील्ड बहुत मजबूत होता हैं. यदि हम जूपिटर के सतह पर खड़े हो जाए तो हमारा वजन अपने असली वजन से 3 गुना ज्यादा होगा.

8. बृहस्पति ग्रह पृथ्वी से 11 गुना भारी और इसका द्रव्यमान 317 गुना ज्यादा हैं.

9. बृहस्पति ग्रह का चंद्रमा, गैनीमेडे, हमारे पूरे सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा हैं.

10. बृहस्पति के कम से कम 64 चन्द्रमा हैं इसके सबसे बड़े चंद्रमा गैनीमेडे पर एक भूमिगत समंदर हैं जिसमें पूरी पृथ्वी से ज्यादा पानी हैं.

11. 7वीं या 8वीं शताब्दी की प्रजातिBabylonians ने सबसे पहले इस ग्रह को देखा था। इसका नाम रोमन देवताओं के राजा के नाम पर रखा गया हैं.

12. बृहस्पति हमारी आकाश गंगा का सबसे बड़ा ग्रह है, यह इतना बड़ा है की यदि शेष सभी ग्रह को आपस में जोड़ दिया जाये तो वह संयुक्त ग्रह भी बृहस्पति से छोटा ही रहेगा.

13. अगर धरती का आकार एक मटर जितना कर दें तो बृहस्पति इससे 300 मीटर दूर होगा.

14. ब्रहस्पति ग्रह पर एक विशाल गड्ढा है जिसमें से आग की लपटे निकलती रहती है जिसमे यह विशाल लाल धब्बे जैसा दिखाई देता हैं.

15. जुपिटर पर पाए जानें वाला लाल धब्बा दरअसल एक बड़ा तूफान हैं जो कम से कम 350 सालों से ऊफान पर हैं. ये तूफान इतना ज्‍यादा बड़ा हैं कि इसमें तीन पृथ्‍वी समा सकती हैं.

16. सोलर सिस्‍टम का चौथा सबसे ज्‍यादा चमकने वाला ग्रह हैं. इसके अलावा जो अन्‍य ग्रह चमकते है वो हैं सूरज, चांद और वीनस.

17. जुपिटर पर सभी ग्रहों के मुकाबले सबसे छोटा दिन होता हैं. ये अपनी धुरी पर हर 9 घंटे 55 मिनट में घूमता हैं. जल्‍दी-जल्‍दी घूमने के चक्‍कर में ये थोड़ा चपटा नजर आता हैं.

18. बृहस्पति ग्रह को देखने के लिए किसी यंत्र की जरूरत नही होती. इसे हम खुली आंखो से देखा जा सकता हैं.
धन्यवाद,
            आचार्य राजेश कुमार
            मोब-9454320396